Song of Hiawatha – Krishan Kishore
हिआवाथा को चिंता थी कि किस प्रकार कबीलों को अपने शरीर से युद्ध के प्रतीक रंगों को धो देने की प्रेरणा मिले। उनमें अपने हथियारों को धरती में दबाकर शांति का गीत गाने की उत्सुकता जगे।हिआवाथा और मिनीहाहा की प्रण्यात्मक संधि के बाद इस तरह की स्वर्णिम स्थिति का उदय हुआ। यह महा काव्यात्मक रचना अत्यंत लोकप्रिय हुई। 1855 में यह कृति प्रकाशित हुई थी।